एपल एयरपॉड्स को चुनौती देगा जाबरा एलीट 75टी ईयरबड, यह वॉटर और डस्ट रेजिस्टेंट है

  • एलीट 75टी की कीमत 15,999 रुपए है, इसमें वॉयस असिस्टेंट सपोर्ट भी मिलता है
  • इसमें अपनी लेटेस्ट नॉइस एंड विंड रिड्यूसिंग एल्गोरिदम का भी इस्तेमाल किया है
  • भीड़भाड़ वाले इलाके जैसे सड़क और सबवे पर बिना किसी परेशानी के बातचीत कर सकेंगे
  • 27 दिसंबर से इसे ई-कॉमर्स प्लेटफार्म समेत जाबरा के ऑथोराइज्ड स्टोर से खरीदा जा सकेगा

डेनमार्क की ऑडियो-वीडियो इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी जाबरा ने भारत में अपने नए ट्रूली वायरलेस ईयरबड को लॉन्च किया। इसे ‘जाबरा एलीट 75टी’ नाम से बाजार में उतारा गया है। इसकी कीमत 15,999 रुपए है। कंपनी का कहना है कि इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह लंबी सर्विस और बेहतरीन फिटिंग दे सके। इसे IP55 रेटिंग दी गई है, यानी इसे पानी और धूल दोनों से नुकसान नहीं पहुंचेगा।

कंपनी इस पर दो साल की वारंटी ऑफर कर रही है। यह न सिर्फ छोटा, सिक्योर और कंफर्टेबल फिटिंग देता है बल्कि लंबी बैटरी लाइफ भी मुहैया कराता है। सिंगल चार्ज में इसे बिना किसी बैकअप के 7.5 घंटे तक इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत में इसका मुकाबला 14,900 रुपए कीमत के एपल एयरपॉड्स से देखने को मिलेगा।

बिना किसी बैकअप के 7.5 घंटे तक चलेगा ईयरबड

  1. कंपनी के मुताबिक, चार्जिंग केस के साथ इसमें 28 घंटे की बैटरी लाइफ मिलती है जबकि बिना बैटरी केस के 7.5 घंटे की बैटरी लाइफ प्रदान करता है। इसमें यूएसबी टाइप-सी चार्जिंग सपोर्ट मिलता है।
  2. इसमें चार माइक्रोफोन कॉल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है साथ ही कंपनी ने इसमें अपनी लेटेस्ट नॉइस एंड विंड रिड्यूसिंग एल्गोरिदम का भी इस्तेमाल किया है। इस फीचर के जरिए यूजर भीड़भाड़ वाले इलाके जैसे सड़क और सबवे में बिना किसीपरेशानी के बातचीत कर सकेंगे।
  3. जाबरा एलीट 75t वॉयस कमांड फीचर्स जैसे गूगल असिस्टेंट, एलेक्सा, सिरी सपोर्ट करता है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ 5.0 की सुविधा मिलती है, जिसकी मदद से इसे आसानी से स्मार्टफोन से कनेक्ट किया जा सकता है।
  4. यह ईयरबडटाइटेनियम ब्लैक और गोल्ड बेज कलर ऑप्शन में अवेलेबल है। इसकी कीमत 15,999 रुपए है। 27 दिसंबर से इसे क्रोमा, अमेजन, फ्लिपकार्ट और जाबरा के ऑथोराइज्ड स्टोर से खरीदा जा सकेगा।

899 रु. के ट्रूली वायरलेस ईयरफोन पीट्रॉन बेसबड्स लाइट लॉन्च, इसमें मिलता है सिरी और गूगल असिस्टेंट सपोर्ट

  • बड्स को फुल चार्ज होने में आधे घंटे का समय लगता है, इसमें 6 घंटे लगातार गाने सुने जा सकते हैं
  • इसके केस में 400 एमएएच बैटरी लगी है, जिससे बड्स को तीन बार चार्ज किया जा सकता है
  • दोनों बड्स को एक साथ इस्तेमाल करने पर इसमें स्टीरियो साउंड क्वालिटी मिलती है।

एक्सेसरीज बनाने वाली कंपनी पीट्रॉन ने अपने सबसे सस्ते ट्रूली वायरलेस हेडफोन पीट्रॉन बेसबड्स को लॉन्च कर दिया है। इसकी कीमत 899 रुपए है। कीमत के हिसाब से देखा जाए तो यह बाजार में मौजूद सबसे सस्ते ट्रूली वायरलेस ईयरफोन में से एक है। हालांकि अपने स्लीक और प्रीमियम डिजाइन की बदौलत यह देखने में किसी महंगे ईयरबड्स जैसे लगताहै। यह दो कलर ऑप्शन ब्लैक और व्हाइट कलर में अवेलेबल है। इसमें 10 एमएम के डाइवर्स लगे हैं साथ ही कनेक्टिविटी के लिए इसमें ब्लूटूथ 5.0 की सुविधा मिल जाती है।

ट्रूली वायरलेस ईयरफोन पीट्रॉन बेसबड्स लाइट
ट्रूली वायरलेस ईयरफोन पीट्रॉन बेसबड्स लाइट

इसके चार्जिंग केस में है 400 एमएएच की बैटरी

    • पीट्रॉन बेसबड्स के दोनों बड्स में 50 एमएएच बैटरी लगी हैं। कंपनी का कहना है कि यह सिंगल चार्जिंग में इसमें 6 घंटे का म्यूजिक प्लेबैक और 4 घंटे कॉलिंग की जा सकती है।
    • इसे फुल चार्ज होने में मात्र आधे घंटे का समय लगता है। इसके साथ मिलने वाले केस में 400 एमएएच बैटरी लगी है, जिसकी बदौलत बड्स को तीन बार चार्ज किया जा सकता है।
    • कंपनी का दावा है कि बड्स और केस को फुल चार्ज करने पर इसमें कुल 20 घंटे का प्लेबैक टाइम मिलता है।
    • इसमें बीनायूरल सेपरेशन जैसे फीचर्स मिल जाते हैं, जिसकी बदौलत इसे सिंगल और दोनों को एक साथ इस्तेमाल किया जा सकता है।
    • दोनों बड्स में माइक्रोफोन लगे हैं, जिससे कॉलिंग की जा सकती है। दोनों बड्स को एक साथ इस्तेमाल करने पर इसमें स्टीरियो साउंड क्वालिटी मिलता है।
    • दोनों ईयरबड्स पर मल्टीफंक्शनल बटन लगे हैं, जिसे कॉलिंग और म्यूजिक कंट्रोल किए जा सकते हैं। इसमें वॉयस असिस्टेंट सपोर्ट मिलता है जिसमें सिरी और गूगल असिस्टेंट शामिल है।

हमलावर को 9.5 लाख वोल्ट का झटका देगी इलेक्ट्रिक गन, मुसीबत में महिलाओं की ताकत बनेंगे ये 6 गैजेट

यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म और अपहरण जैसे मामले में बढ़ोतरी हो रही है। कई मामलों में पीड़ित को जान तक गंवानी पड़ी है। कई बार पुलिस मौके पर पहुंचकर पीड़ित को बचा लेती है लेकिन ज्यादातर मामलों में ऐसा नहीं हो पाता है। बाजार में कई ऐसे सेफ्टी गैजेट मौजूद हैं, जिनके इस्तेमाल करके घटना के समय महिलाएं अपनी सुरक्षा खुद ही कर सकती है।

यह सभी प्रोडक्ट ई-कॉमर्स वेबसाइट पर उपलब्ध है

  1. पेपर स्प्रे गनपेपर स्प्रे गनइसके इस्तेमाल से आप अपने दुश्मन को चकमा दे सकते हैं। इसमें लगने वाले राउंड शेप बुलेट में टीयर(आसू) गैस और पेपर (मिर्ची) गैस का मिक्चर भरा होता है। टार्गेट पर शूट करते ही यह क्लाउड क्रिएट करती है। इसमें सामने वाले को कुछ देर के लिए दिखना बंद हो जाता है और सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। यह भले ही कुछ देर के लिए होता हो लेकिन इतना समय अपना बचाव करने के लिए काफी है। इसे रखना भी लीगल है।
  2. टेज़र पल्सटेज़र पल्समहिलाएं इसी अपनी सुरक्षा के लिए अपने साथ रख सकती हैं। इसे रखना पूरी तरह से लीगल है क्योंकिइससे किसी को भी ज्यादा नुकसान नहीं होता। इसमें छोटी सी कार्टेज होती है, जिसे टार्गेट पर शूट करने पर ये उसे जोर का झटका देती है, जिससे सामने वाला थोड़ी देर के लिए निष्क्रिय हो जाएगा। इसमें लगी लेजर लाइट से आसानी से शूट किया जा सकता है। हालांकि इससे एक निश्चित दूरी तक ही निशाना लगाया जा सकता है।
  3. येलो जैकेट आईफोन केसयेलो जैकेट आईफोन केसहमेशा सेफ्टी गैजेट अपने साथ रखना शायद मुमकिन नहीं लेकिन लोग अपना स्मार्टफोन हमेशा अपने साथ रखते हैं। येलो जैकेट आईफोन केस एक स्मार्टफोन केस ही है जिसो फोन पर लगाया जा सकता है। इसमें एक इन-बिल्ट बैटरी होती है जो फोन को तो चार्ज करेगी ही साथ में यूजर की सुरक्षा भी करेगी। इसमें दो छोटे-छोटे टर्निमल्स लगे होते हैं जिसकी मदद से दुश्मन को शॉक दिया जा सकता है। जिसके वो कुछ देर के लिए निष्क्रिय हो जाएगा और आपको बचाव करने का समय मिल जाता है।
  4. जैप स्टन गनजैप स्टन गनसेल्फ डिफेंस के लिए यह एक पावरफुल और बेहतरीन गैजेट है। यह पंच की तरह दिखता है, जिसे हाथों में पहना जाता है। इसमें बैटरी लगती है जो बाजार में आसानी से उपलब्ध होती है। इसमें एक सेफ्टी बटन होती है, जिसे दबाते ही दुश्मन को 9,50,000 वोल्ट का झटका दिया जा सकता है। खास बात यह एक बार बैटरी डालने पर ये दो साल तक काम करेगा।
  5. इलेक्ट्रिक लिपस्टिक गनइलेक्ट्रिक लिपस्टिक गनयह गैजेट लिपस्टिक जैसे दिखता है जो वास्तव में एक इलेक्ट्रिक गन होती है। इसे आसानी से मैकअप बॉक्स में रखा जा सकता है साथ ही की-रिंग के तौर पर भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से दुश्मन को जोर का झटका दिया जा सकता है। इसमें आगे की तरफ एक एलईडी बल्ब भी लगा होता है। बटन दबाने पर इंस्टेंट गन के साथ एलईडी बल्ब भी जलता है। इसमें रिचार्जेबल बैटरी लगी होती है जिसे मोबाइल चार्जर से चार्ज किया जा सकता है।
  6. डोर स्टॉप अलार्मडोर स्टॉप अलार्मज्यादातर मामलों में देखा गया कि पीड़िता को घर में अकेला पाकर उनके साथ घर में घुसकर छेड़खानी या यौन उत्पीड़न किया गया। ऐसे में अगर घर में सुरक्षित रहने चाहते हैं तो डोर स्पेट अलार्म को इस्तेमाल कर सकते हैं। इस दरवाजे के नीचे लगाया जाता है जो घर की एंट्रेंस को लॉक भी करता है। जैसे ही कोई अनजान व्यक्ति घर का दरवाजा खोलने की कोशिश करेगा तो न सिर्फ इसमे तेज अलार्म बजेगा बल्कि यूजर के स्मार्टफोन पर भी अलर्ट करेगा। इसे रिमोटली लॉक-अनलॉक भी किया जा सकता है।

सभी के लिए क्यों नहीं हैं नॉइस-कैंसलिंग हेडफोन्स

. नॉ इस-कैंसलिंग हेडफोन्स हर किसी के लिए सही चुनाव नहीं हैं। कुछ लोगों के लिए हेडफोन्स पहनना कष्टदायक होता है। कुछ को यह महसूस होता है कि जिन आवाजों से बचने के लिए हेडफोन्स खरीदे थे, वो आवाजें इन्हें पहनने के बाद भी स्पष्ट सुनाई दे रही हैं। अगर आप भी नॉइस कैंसलिंग हेडफोन्स में इंवेस्ट करने वाले हैं तो पहले इनसे जुड़ी कुछ बातें जान लेना चाहिए।

शांति भंग : कुछ लोग इन्हें ज्यादा देर नहीं पहना पा रहे हैं, वजह है कान के पर्दे पर दबाव महसूस होना। इसे ‘ईअरड्रम सक’ कहते हैं। यह ऐसा है जैसा हाई-स्पीड एलिवेटर में अक्सर लोग महसूस करते हैं।

टेक्नोलॉजी नाकाफी : अगर कुछ लोगों के कान के पर्दे में दर्द हो रहा है तो इसे टेक्नोलॉजी की हार ही माना जाएगा। यह दर्द जब बढ़ता है तो सिर दर्द में भी बदल जाता है। कुछ हेडफोन्स में आप नाइस कैंसलिंग बंद कर सकते हैं कि समस्या दूर हो। इन हेडफोन्स के एअर प्रेशर के अंतर को मापने के लिए कोई इंतजाम नहीं हैं। इंजीनियर्स का मानना है कि कई लोग जब नॉइस कैंसिलेशन को एक्टिव करते हैं तो उनके दिमाग में नाटकीय और अस्वाभाविक बदलाव होने लगते हैं।

हो रहे हैं उपाय : समस्या का समाधान शुरू हो गया है। कंपनियों ने प्रोडक्ट्स में नॉइस कैंसलिंग को एडजस्ट करने की सुविधा देना शुरू की है। 0 से 10 तक के स्केल पर यूजर अपनी सुविधानुसार सेट कर सकते हैं। ‘बोस’ के मॉडल सबसे आगे नज़र आते हैं।

खरीदते वक्त ये करें

  • कानों को लेकर संवेदनशील हैं तो बिना ट्रायल हेडफोन्स नहीं खरीदें।
  • एडजस्टेबल एक्टिव नॉइस कंट्रोल का फीचर जरूर लें।
  • जरूरी नहीं ट्रायल में ही सारी दिक्कतें सामने आएं, इसलिए रिटर्न पॉलिसी जरूर पढ़ें।
  • ओवर-ईअर की जगह ईअरबड्स के विकल्प पर जाएं और ज्यादा अंदर तक लगाकर ट्रायल लें।

Yamaha की 125cc सेगमेंट में एंट्री, दो नए स्कूटर लॉन्च

ये दोनों स्कूटर ‘क्वाइट इंजन स्टार्ट’ के साथ आते हैं। यह बिल्कुल होंडा के साइलेंट स्टार्ट सिस्टम जैसा है। भारत में इन स्कूटर्स की टक्कर Honda Activa 125 और Hero Maestro Edge 125, TVS Ntorq 125 और Honda Grazia से होगी।

navbharat times

पिछले कुछ महीनों की सेल्स के आंकड़े बताते हैं कि भले ही टू व्हीलर सेगमेंट में मंदी हो लेकिन 125 cc वाले प्रीमियम स्कूटर सेगमेंट की बिक्री बढ़ रही है। इसी ट्रेंड को भांपते हुए यामाहा ने भी 125 cc के इंजन के साथ दो नए स्कूटर पेश किये हैं। यामाहा ने BS6 इंजन वाले फसीनो 125 (Fascino 125) को लॉन्च कर दिया है इसकी शुरुआती कीमत 66,430 रुपये (एक्स शोरूम) रखी गयी है। वहीं RayZ 125 को अगले महीने लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा इस दौरान कंपनी ने BS6 इंजन वाली बाइक MT15 भी पेश की।

स्कूटर्स की खूबियां
फसीनो एक रेट्रो लुक वाला यूनिसेक्स स्कूटर है और RayZ 125 को एक मस्कुलर स्कूटर के तौर पर पेश किया गया है। दोनों में इंजन एक जैसा है लेकिन लुक्स पूरी तरह से अलग है। 125 cc का ये इंजन 8.1 bhp की पावर और 9.7 Nm का टॉर्क देता है जो पहले से 1PS और 1.6Nm ज्यादा है। कंपनी का दावा है कि स्कूटर में पहले से 16 फीसदी ज्यादा माइलेज मिलेगी। यानी अब इस स्कूटर में 58kmpl माइलेज मिलती है।

navbharat times

यामाहा का नया स्कूटर
दोनों स्कूटर का वजन अब पहले से 4Kg कम है। यानी ये स्कूटर अब भारत के सबसे हल्के स्कूटर हैं। बात करें सस्पेंशन की तो स्कूटर के फ्रंट में टेलिस्कॉपिक फोर्क और रियर में सिंगल शॉक अब्सॉर्बर दिया गया है। नए RayZ 125 को नई कलर स्कीम के साथ पेश किया गया है। स्कूटर में नए LED DRLs और फुली डिजिटल इंस्ट्रुमेंट कंसोल दिया गया है।

‘क्वाइट इंजन स्टार्ट’ टेक्नॉलजी
ये दोनों स्कूटर ‘क्वाइट इंजन स्टार्ट’ के साथ आते हैं। यह बिल्कुल होंडा के साइलेंट स्टार्ट सिस्टम जैसा है। भारत में इन स्कूटर्स की टक्कर Honda Activa 125 और Hero Maestro Edge 125, TVS Ntorq 125 और Honda Grazia से होगी।

यामाहा के पास सबसे ज्यादा BS6 प्रॉडक्ट्स
इन दोनों स्कूटर्स की लॉन्चिंग के साथ यामाहा का BS6 प्रॉडक्ट्स का पोर्टफोलियो सबसे बड़ा हो गया है। आने वाले समय में सभी बड़े दोपहिया निर्माता ब्रैंड्स अपने BS6 प्रॉडक्ट्स लॉन्च करेंगे। हीरो और टीवीएस भी BS6 प्रॉडक्ट्स लाने की घोषणा कर चुके हैं।

MG ZS EV की बुकिंग 21 दिसंबर से, जानें इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की खूबियां

एमजी मोटर ने इस महीने की शुरुआत में MG ZS EV को पेश किया था। यह भारत में एमजी की दूसरी कार है। भारतीय बाजार में इसे CKD यूनिट के रूप में, यानी पार्ट्स में लाया जाएगा और कंपनी के गुजरात स्थित हलोल प्लांट में असेंबल किया जाएगा।

navbharat times

MG Motor की भारत में पहली इलेक्ट्रिक एसयूवी MG ZS EV अगले महीने लॉन्च होने वाली है। इसकी बुकिंग 21 दिसंबर को शुरू होगी। 50 हजार रुपये देकर इस इलेक्ट्रिक एसयूवी को बुक किया जा सकेगा। एमजी मोटर ने इस महीने की शुरुआत में जेडएस ईवी को पेश किया था। यह भारत में एमजी की दूसरी कार है। भारतीय बाजार में इसे CKD यूनिट के रूप में, यानी पार्ट्स में लाया जाएगा और कंपनी के गुजरात स्थित हलोल प्लांट में असेंबल किया जाएगा।

स्पेसिफिकेशन्स के मामले में भारतीय बाजार में आने वाली एमजी जेडएस ईवी ब्रिटेन में बिकने वाले मॉडल की तरह ही है। जेडएस ईवी ह्यूंदै क्रेटा की तरह एक कॉम्पैक्ट एसयूवी है। एमजी मोटर इंडिया की लाइनअप में यह हेक्टर के नीचे रहेगी। इसकी लंबाई 4314 mm, चौड़ाई 1809 mm, ऊंचाई 1620 mm और वीलबेस 2579 mm है।
जेडएस ईवी के फ्रंट में चौड़ी क्रोम ग्रिल, प्रोजेक्टर हेडलैम्प और पीछे की तरफ एलईडी टेललैम्प हैं। एसयूवी का कैबिन ब्लैक कलर में है। डैशबोर्ड और डोर पैड्स पर सिल्वर ऐक्सेंट्स दिए गए हैं। कार में ऐपल कारप्ले और ऐंड्रॉयड ऑटो के साथ 8-इंच का टचस्क्रीन इन्फोटेनमेंट सिस्टम है। इसके अलावा इसमें फ्लैट-बॉटम स्टीयरिंग वील, फ्रंट और रियर में यूएसबी मोबाइल चार्जिंग, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, रियर व्यू कैमरा, सनरूफ, I Smart EV 2.0 कनेक्टेड कार टेक्नॉलजी और एयर प्योरिफायर जैसे फीचर्स हैं।

navbharat times

MG ZS EV
रेंज
जेडएस ईवी में 44.5 kWh बैटरी पैक है। एक बार फुल चार्ज होने पर यह इलेक्ट्रिक एसयूवी 340 किलोमीटर तक चलेगी। इस लिथियम-आयन बैटरी को 50 kW DC चार्जर से 40 मिनट में 80 पर्सेंट चार्ज किया जा सकता है, जबकि स्टैंडर्ड 7.4 kW चार्जर से चार्ज करने में करीब 7 घंटे का समय लगेगा। कंपनी इस इलेक्ट्रिक एसयूवी के साथ 7.4 kWh चार्जर भी देगी।

पावर और स्पीड

एमजी की इस इलेक्ट्रिक एसयूवी का मोटर 141 bhp की पावर और 353 Nm पीक टॉर्क जेनरेट करता है। कंपनी का दावा है कि जेडएस ईवी मात्र 8 सेकंड में 0-100 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पकड़ लेगी। इसकी बैटरी वॉटर और डस्ट प्रूफ है। कंपनी ने कहा है कि जेडएस ईवी की भारत में 1 लाख किलोमीटर से ज्यादा टेस्टिंग की गई है।

कीमत
एमजी जेडएस ईवी की कीमत की घोषणा लॉन्चिंग के समय होगी। उम्मीद है कि जेडएस ईवी की कीमत 22 लाख रुपये के आसपास हो सकती है। भारतीय बाजार में इसकी सीधी टक्कर ह्यूंदै कोना इलेक्ट्रिक से होगी।

ह्यूंदै ने पेश की अपनी कॉम्पैक्ट सिडैन Aura, जानें डीटेल

भारतीय बाजार में इस कार का मुक़ाबला मारुति सुजुकी डिजायर, होंडा अमेज़, टाटा टिगोर, फोर्ड एस्पायर जैसी गाड़ियों से रहेगा। इसके अलावा यह कार रेना एलबीए (Renault LBA) कॉम्पैक्ट सिडैन से भी होगा जो अगले साल लॉन्च होगी।

navbharat times

कार निर्माता कंपनी ह्यूंदै (Hyundai) ने अपनी नई कॉम्पैक्ट सिडैन Aura को इंडिया में पेश कर दिया है। बुधवार को इस कार का चेन्नै में ग्लोबल प्रीव्यू किया गया। इसका डिज़ाइन ज़्यादा मॉडर्न और यूथफुल है और इसमें ह्यूंदै Xcent के मुक़ाबले स्पेस भी ज़्यादा है। कंपनी ने इस कॉन्पैक्ट सिडैन की कीमत का खुलासा नहीं किया है लेकिन माना जा रहा है कि इसकी कीमत 6 लाख से 9 लाख रुपये के बीच रह सकती है।

मिलेंगे 3 इंजन ऑप्शन
इस कार में 3 इंजन ऑप्शन्स दिए गए हैं। 1.2 लीटर MPI पेट्रोल इंजन करीब 82 bhp की पावर और 11.6 kgm का टॉर्क देता है। 1.2 लीटर ईकोटॉर्क डीजल इंजन करीब 74 bhp की पावर और 19.4 kgm का टॉर्क देता है। कंपनी दोनों ही इंजन के साथ 5 स्पीड मैनुअल के अलावा AMT ट्रांसमिशन भी ऑफर कर रही है।

navbharat times

ह्यूंदै औरा
1.0 लीटर का टर्बोचार्ज्ड इंजन
कार में स्पोर्टी ड्राइव के शौकीनों के लिए 1.0 लीटर का टर्बोचार्ज्ड इंजन दिया गया है। इस इंजन का इस्तेमाल ह्यूंदै वेन्यू में किया गया है। यह इंजन करीब 99 bhp की पावर और 17.5 kgm का टॉर्क देता है। इस इंजन के साथ सिर्फ मैनुअल ट्रांसमिशन मिलेगा। कंपनी भविष्य में इस इंजन का इस्तेमाल Grand i10 Nios में करेगी।

ह्यूंदै औरा का इंटीरियर

कंपनी ने कार के इंटीरियर के बारे में कोई जानकारी अभी तक साझा नहीं की है लेकिन जानकारी के मुताबिक Aura में 8 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम है जिसमे ऐपल कार प्ले और एंड्राइड ऑटो मिलता है। वायरलेस चार्जर, प्रोजेक्टर हेड-फॉग लैम्प्स, रियर व्यू मॉनिटर जैसे फीचर्स मिलते हैं। कार के साथ कंपनी 1 लाख किलोमीटर या 5 साल की वारंटी का विकल्प है। 1.2 लीटर पेट्रोल इंजन के साथ कंपनी फैक्ट्री फिट CNG किट भी दे रही है

इन कारों से होगी टक्कर
भारतीय बाजार में इस कार का मुक़ाबला मारुति सुजुकी डिजायर, होंडा अमेज़, टाटा टिगोर, फोर्ड एस्पायर जैसी गाड़ियों से रहेगा। इसके अलावा यह कार रेना एलबीए (Renault LBA) कॉम्पैक्ट सिडैन से भी होगा जो अगले साल लॉन्च होगी।

इंटरनेट कैसे बंद करती है सरकार? जानें पूरा प्रॉसेस

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के चलते देश के कई हिस्सों में इंटरनेट अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। इंटरनेट सस्पेंड करने की एक पूरी प्रकिया है, जिसे फॉलो करते हुए इस पर बैन लगाया जाता है।

नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन के चलते देश के कई हिस्सों में इंटरनेट अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। इंडियन काउंसिल फॉर रिसर्च ऑन इंटरनैशनल इकनॉमिक रिलेशन्स समेत दो थिंक टैंक संस्थाओं की रिसर्च के मुताबिक, इंटरनेट बैन करने के मामले में भारत दुनिया भर में सबसे आगे है। मगर क्या आपको पता है कि सरकार इंटरनेट पर बैन लगाने का फैसला कैसे लेती है। इंटरनेट सस्पेंड करने की एक पूरी प्रकिया है, जिसे फॉलो करते हुए इस पर बैन लगाया जाता है। यहां हम आपको बता रहे हैं कि भारत में इंटरनेट कैसे बंद किया जाता है।
देश में इंटरनेट पर कैसे लगता है बैन?
– केंद्र या राज्य के गृह सचिव इंटरनेट बैन करने का ऑर्डर देते हैं।

– यह ऑर्डर एसपी या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी के माध्यम से भेजा जाता है। उक्त अधिकारी सर्विस प्रोवाइडर्स को इंटरनेट सर्विस ब्लॉक करने के लिए कहता है।

– 
ऑर्डर को अगले कामकाजी दिन (वर्किंग डे) के भीतर केंद्र या राज्य सरकार के रिव्यू पैनल के पास भेजना होता है। इस रिव्यू पैनल को 5 वर्किंग डेज में इसकी समीक्षा करनी होती है। केंद्र सरकार के रिव्यू पैनल में कैबिन सेक्रेटरी, लॉ सेक्रेटरी और टेलिकम्युनिकेशन्स सेक्रेटरी होते हैं। वहीं, राज्य सरकार से दिए गए आदेश के रिव्यू पैनल में चीफ सेक्रेटरी, लॉ सेक्रेटरी और एक कोई अन्य सेक्रेटरी शामिल रहता है।

इमर्जेंसी में क्या होता है?
इमरर्जेंसी की स्थिति में केंद्र या राज्य के गृह सचिव द्वारा अधिकृत किए गए जॉइंट सेक्रेटरी इंटरनेट बैन करने के लिए आदेश दे सकते हैं। हालांकि, इसके लिए उन्हें 24 घंटे के भीतर केंद्र या राज्य के गृह सचिव से इसकी मंजूरी लेनी पड़ेगी।

2017 से पहले अलग नियम
साल 2017 से पहले जिले के डीएम इंटरनेट बंद करने का आदेश देते थे। 2017 में सरकार ने इंडियन टेलिग्राफ ऐक्ट 1885 के तहत टेम्प्ररी सस्पेंशन ऑफ टेलिकॉम सर्विसेज (पब्लिक इमरजेंसी या पब्लिक सेफ्टी) रूल्स तैयार किए। इसके बाद अब सिर्फ केंद्र या राज्य के गृह सचिव या उनके द्वारा अधिकृत अथॉरिटी इंटरनेट बंद करने का आदेश दे सकते हैं।

साल 2019 के 8 धांसू फीचर्स, जिन्होंने बदल दी स्मार्टफोन की दुनिया

साल 2019 स्मार्टफोन लवर्स के लिए काफी शानदार रहा है। इस साल ढेर सारे स्मार्टफोन तो लॉन्च किए ही गए, साथ ही कैमरा और डिस्प्ले से लेकर फिंगरप्रिंट में भी कई तरह की नई तकनीक देखने को मिली है। यहां हम आपको इस साल आए ऐसे ही 8 धांसू फीचर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने स्मार्टफोन की दुनिया को एक साल में काफी हद तक बदल दिया है।

पंच-होल फ्रंट कैमरा
साल 2019 में कई स्मार्टफोन कंपनियों ने डिस्प्ले में नॉच की जगह पंच-होल देने की कोशिश की। फ्रंट कैमरा इसी पंच होल में छिपा होता है। इससे यूजर्स को स्क्रीन में ज्यादा स्पेस मिल पाया। सबसे पहला पंच-होल डिस्प्ले Honor View 20 में देखने को मिला था। इसके बाद सैमसंग गैलेक्सी S10+, Note 10 और Vivo Z1 Pro में भी हमने पंच-होल कैमरा देखा।

48 मेगापिक्सल कैमरा
यह फीचर भी सबसे पहले Honor View 20 में ही आया था। 48 मेगापिक्सल के अलावा फोन में 16 मेगापिक्सल, 2 मेगापिक्सल और 2 मेगापिक्सल के तीन और सेंसर भी दिए गए थे। Honor View 20 की शुरुआती कीमत 37,999 रुपये थी। इसके बाद हमने वनप्लस 7 प्रो, शाओमी रेडमी नोट 7 प्रो और रियलमी X जैसे स्मार्टफोन में भी 48 मेगापिक्सल का रियर कैमरा देखा।

पॉप-अप सेल्फी कैमरा
फ्रंट कैमरे में एक और नया ट्रेंड पॉप-अप सेल्फी कैमरा का आया। इसका मकसद भी यूजर्स को ज्यादा से ज्यादा स्क्रीन स्पेस देना था। सबसे पहले वीवो NEX में हमने पॉप-अप सेल्फी कैमरा देखा। इसके बाद Realme X, शाओमी रेडमी K20 Pro, और OnePlus 7 pro जैसे कई स्मार्टफोन में हमने यह फीचर देखा।

4000mAh बैटरी
4000mAh बैटरी का फीचर भी इस साल आम हो गया। ना सिर्फ महंगे, बल्कि 10 हजार से कम कीमत वाले स्मार्टफोन्स में भी अब 4000mAh की बैटरी मिलने लगी है। 6,999 रुपये की कीमत वाले Redmi 7a से लेकर रेडमी नोट 8 प्रो, वीवो u20, Realme 5 Pro जैसे मिड रेंज स्मार्टफोन में आपको यह बैटरी मिलती है। इतना ही नहीं, 11 हजार रुपये वाले सैमसंग Galaxy M30 में तो कंपनी 5000mAh की बैटरी लाई।

इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर
स्मार्टफोन में फिजिकल फिंगरप्रिंट स्कैनर की जगह इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर ने ले ली। इस तकनीक में फ्रंट डिस्प्ले में ही फिंगरप्रिंट स्कैनर भी छिपा होता है। ओप्पो, वनप्लस, सैंमसंग और वीवो जैसी कंपनियां इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर लेकर आईं। अधिकतर फ्लैगशिप डिवाइसेस में यह तकनीक देखने को मिली।

फास्ट चार्जिंग
कंपनियां माइक्रो यूएसबी पोर्ट से टाइप-सी पोर्ट पर शिफ्ट हो गई हैं। इसके अलावा अधिकतर स्मार्टफोन्स में अब फास्ट चार्जिंग का फीचर मिलने लगा है। हाल ही में लॉन्च हुआ मिड रेंज Vivo X2 स्मार्टफोन 30 मिनट में ही 67% चार्ज हो जाता है।

ट्रिपल और क्वाड रियर कैमरा सेटअप
दो रियर कैमरा अब बीती बात हो गई। इस साल रियर कैमरा में काफी बदलाव देखने को मिला है। अधिकतर कंपनियों ने तीन और चार रियर कैमरा देने की कोशिश की है। अब कैमरा में एक प्राइमरी सेंसर के अलावा, वाइड ऐंगल लेंस, डेप्थ सेंसर और मैक्रो लेंस आने लग गया है।

डार्क मोड
डार्क मोड नया ट्रेंड है। लेटेस्ट ऐंड्रॉयड ओपरेटिंग सिस्टम Android 10 और ऐपल के iOS 13 में यूजर्स को यह फीचर मिल रहा है। इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यूजर्स की आखों पर कम दबाव पड़ेगा।

सैमसंग का क्लैमशेल फोल्डेबल लाइव इमेजेज में देखा गया है

अक्टूबर के अंत में, सैमसंग ने हमें अपने आगामी क्लैमशेल फोल्डेबल फोन के लिए आधिकारिक तौर पर दिया । तब से हमने डिवाइस के बारे में अनगिनत रेंडर और अफवाहें देखी हैं, लेकिन अब हमारे पास अगले जीन गैलेक्सी फोल्ड पर हमारा पहला लाइव लुक है।

यह डिजाइन सेल्फ कैम के लिए एक केंद्रित पंच-होल कटआउट के साथ एक लंबा, लंबवत तह इन्फिनिटी-ओ डिस्प्ले के साथ विज्ञापित के रूप में आता है। पक्षों और तल पर काफी कुछ बेजल हैं लेकिन मोटोरोला रेजर की तरह कोई ठोड़ी नहीं है। फोन परिचित वन यूआई अनुभव को चला रहा है लेकिन हमें उम्मीद करनी चाहिए कि फोल्डेबल फॉर्म फैक्टर का लाभ उठाने के लिए सैमसंग को कुछ विशिष्ट ट्विक्स जोड़ने होंगे।

फोल्ड होने पर फोन के फ्रंट में समय, दिनांक और नोटिफिकेशन के लिए एक छोटा डिस्प्ले होता है जो कि एलईडी फ्लैश और डुअल कैमरा सेटअप के बगल में बैठता है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसके ऊपर का क्षेत्र हालांकि एक और प्रदर्शन करेगा।

बैक ग्लास से बना हुआ प्रतीत होता है, जबकि काज गैलेक्सी फोल्ड पर एक के समान लगता है, बस छोटा। हमें वॉल्यूम और पावर बटन भी देखने को मिलते हैं, जो ऊपरी-दाएं-बाएं होते हैं जबकि नीचे वाले हिस्से में लाउडस्पीकर और टाइप-सी पोर्ट होते हैं।

खबरों के मुताबिक, क्लैमशेल गैलेक्सी फोल्ड $ 1,000 की रेंज में एक प्रीसेटैग के साथ आएगा और इसे 18 फरवरी को गैलेक्सी एस 11 सीरीज़ के साथ घोषित किया जाना चाहिए।जब भी हमारे पास काम करने के लिए अधिक जानकारी होगी हम हमेशा आपको पोस्ट करते रहेंगे।